व्हिसलब्लोअर डॉ. आनंद राय को जमानत - Bindaas Bol

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Friday, 13 January 2023

व्हिसलब्लोअर डॉ. आनंद राय को जमानत


नई दिल्ली।
सुप्रीम कोर्ट ने व्यापमं घोटाले के व्हिसलब्लोअर डॉ. आनंद राय को जमानत दे दी है। उन पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत आरोप थे। मामला रतलाम-झाबुआ सांसद गुमानसिंह डामोर के वाहन पर हमले से जुड़ा है। इस सिलसिले में डॉ. आनंद राय 15 नवंबर से जेल में बंद थे। 

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाय चंद्रचूड की अध्यक्षता वाली बैंच ने  ट्रायल कोर्ट की नियम-शर्तों के आधार पर जमानत दी है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आनंद राय की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। आनंद राय की ओर से पैरवी वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने की, जबकि याचिका एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड सुमीर सोढ़ी ने दाखिल की थी। 

रतलाम में दर्ज हुआ था मामला

रतलाम जिले के बिलपांक में विकास पारगी ने आईपीसी की धारा 294, 341, 353, 332, 146, 147, 336, 506 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1) (डी), 3(1) (एस) और 3(2) (ए) के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर 15 नवंबर 2022 को एफआईआर हुई थी। आरोप है कि विकास बिरसा मुंडा जयंती समारोह से लौटते समय सांसद डामोर, विधायक और कलेक्टर के काफिले में पीछे थे। उन्हें जयस संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने रोका और पथराव किया। इस वजह से कलेक्टर के गनमैन को चोटें आई थी। शिकायत में आनंद राय समेत 40-50 हमलावरों का नाम दर्ज था। 

राजनीतिक द्वेष के तहत दर्ज किया केस

डॉ. आनंद राय ने अपनी याचिका में कहा था कि उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत कोई स्पष्ट आरोप नहीं है। इसके बाद भी राजनीतिक द्वेष की वजह से यह एफआईआर दर्ज हुई और गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बैंच ने 12 दिसंबर को जमानत देने से इनकार कर दिया था। याचिका में आरोप लगाया था कि सरकार और अधिकारी व्यापमं घोटाले को उजागर करने का बदला ले रहे हैं और झूठा केस दर्ज किया गया है।


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