व्यवसाय खेल के जैसा है। कभी हमारे पक्ष में तो कभी नहीं, इसलिए व्यवसाय बहुत डर के नहीं करना है--कपिल मलैया - Bindaas Bol

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Saturday, 25 November 2023

व्यवसाय खेल के जैसा है। कभी हमारे पक्ष में तो कभी नहीं, इसलिए व्यवसाय बहुत डर के नहीं करना है--कपिल मलैया

 व्यवसाय को जब आत्मविश्वास और प्रसन्नता के साथ किया जाता है तो अधिक सफलता मिलती है : कपिल मलैया


▪️विचार समिति एवं क्वेस्ट एलाइंस द्वारा महिलाओं को पांच दिवसीय स्वरोजगार प्रशिक्षण का समापन संपन्न







सागर
। विचार समिति एवं सहयोगी संस्थान क्वेस्ट एलाइंस के संयुक्त तत्वावधान में महिलाओं को पांच दिवसीय स्वरोजगार प्रशिक्षण विचार कार्यालय में दिया गया जिसका आज समापन हुआ। इस अवसर पर प्रशिक्षण ले रही महिलाओं का सर्टिफिकेट और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। इन महिलाओं ने मारूति शोरूम के सामने व्यवहारिक बाजार व्यवस्था समझने के लिए फुल्की, ऊनी कपड़े, इडली, ढोकला, भेलपुरी और चाय के स्टाल लगाकर ग्राहकों के सुझाव समझे।
 स्वरोजगार प्रशिक्षण की अधिक जानकारी देते हुए विचार समिति अध्यक्ष कपिल मलैया ने महिलाओं का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि व्यवसाय खेल के जैसा है। कभी हमारे पक्ष में तो कभी नहीं, इसलिए व्यवसाय बहुत डर के नहीं करना है। व्यवसाय को जब आत्मविश्वास और प्रसन्नता के साथ किया जाता है तो अधिक सफलता मिलती है। सलाह सबकी ले, उसमें हमें अपने काम की चीज ढूंढ़नी है। व्यापार में उतार- चढ़ाव आते है उनसे घबराने की जरूरत नहीं है। व्यवसाय में चुनौती हमेशा अवसर लेकर आती है। अगर ध्यान रखें तो रास्ता निकलता है, ध्यान न रखा जाय तो तनाव होता है। आज हमारे सामने सैकड़ों उदाहरण हैं जिन्होंने छोटे रूप में स्वरोजगार की शुरुआत की और आज वे सफल है।


जब हमने गोबर का दिया बनाया तो सभी ने कहा यह संभव नहीं है पर परिणाम आज हमारे सामने है। इस दुनियां की सभी समस्याओ का अंत छोटे-छोटे उद्योगों से ही होगा।  प्रशिक्षण में यह बता दिया जायेगा व्यवसाय कैसे करना है, क्या करना है, लेकिन व्यवसाय आपको ही खोजना है। व्यवसाय में गुणवत्ता रहेगी तो हमेशा चलेगा।
समिति कार्यकारी अध्यक्ष सुनीता अरिहंत ने बताया कि आज हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती है रोजगार की। बड़ी आबादी के साथ में हम केवल नौकरी पर निर्भर नहीं रह सकते। हम लगातार महिलाओं को प्रशिक्षित कर रहे हैं उनको स्वरोजगार के क्षेत्र में व्यवसाय चुनना और आगे बढ़ाने के लिए मदद कर रहे हैं। प्रशिक्षण के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक बाजार से जोड़ना भी मुख्य भूमिका में है। हमारा उद्देश्य है कि सभी महिलाएं आत्मविश्वास के साथ सम्मान पूर्वक जीवनयापन  कर सके।  कठिन से कठिन परिस्थिति में खुद को समायोजित कर सकें।


क्वेस्ट एलाइंस के परियोजना सहयोगी पल्लवी ने जानकारी देते हुए कहा कि क्वेस्ट एलाइंस कौशल विकास के ऊपर कार्य करती है। हमारा उद्देश्य महिलाओं को इस काबिल बनना है कि वह आज के समय के अनुरूप काम कर पाए, आर्थिक रूप से सक्षम हो सके। देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर पाएं। इन पांच दिनों के प्रशिक्षण में महिलाएं अपने बारे में जान पायें। अपनी रूचि के अनुरूप व्यवसाय कर सकें ।  उसके साथ व्यवसाय में आने वाली समस्याओं पर चर्चा की जाती है कि हमें सामान कहां से जुटाना है।  मार्केट में कैसे जगह बनानी है।  आय एवं व्यय का लेखा जोखा कैसे तैयार करना है।  हम विचार समिति के माध्यम से इन महिलाओं की मदद कर रहे हैं।


क्वेस्ट एलाइंस परियोजना सहयोगी प्रांजल कहते हैं कि आत्मविश्वास सफलता की कुंजी है। यही आत्मविश्वास जीवन में सही निर्णय लेने में काम आता है। प्रशिक्षण में हम उन गुणों पर काम करने वाले हैं जो महिलाओं को आने वाले भविष्य में सक्षम बनने में मदद करेंगे। इस कार्यक्रम मैं विचार समिति सदस्य पूजा प्रजापति का  सहयोग रहा ।
इस अवसर पर संध्या लांबा, यास्मीन बानो, सुषमा पटेल, अंजली पटैल, सुनीता चौरसिया, डाली पटेल, राधा पटेल, रिंकी पटैल, ममता रैकवार, राजकुमारी रैकवार, रजनी मिथलेश विश्वकर्मा, संगीता प्रजापति, अंजना पटैल, ज्योति कुशवाहा, सरोज पटैल, निशा सोनकर, नीतू कुशवाहा, रीना पटैल, नीलम पटैल, इंद्रा पटैल, खुशी अहिरवार, उमा पटैल, आकांक्षा नामदेव, कविता पटैल, प्रीति चौरसिया, भाग्यश्री राय, ज्योति रैकवार आदि महिलाओं ने स्वरोजगार का प्रशिक्षण लिया।

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